उज्जैन में खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को विस्थापित करने की कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है। प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित कर पुनः स्थापित और प्राण प्रतिष्ठा किए जाने की योजना के तहत मंदिर के ऊपरी हिस्से को हटाया गया। हालांकि, जब प्रतिमा को अपने स्थान से निकालने की कोशिश की गई तो स्थिति उम्मीद से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण सामने आई।
जानकारी के अनुसार, खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को निकालने के लिए टीम ने काफी मशक्कत की, लेकिन प्रतिमा अपने स्थान से हिल नहीं सकी। लगातार प्रयास के बावजूद जब मूर्ति को सुरक्षित तरीके से निकालना संभव नहीं हुआ तो अधिकारियों और मौके पर मौजूद टीम ने आगे की कार्रवाई को लेकर सावधानी बरतने का फैसला किया।
मंदिर का ऊपरी हिस्सा हटाया गया
प्रतिमा को बाहर निकालने की प्रक्रिया के तहत मंदिर के ऊपरी हिस्से को हटाया गया है। इसके बाद प्रतिमा तक पहुंच बनाकर उसे विस्थापित करने का प्रयास किया गया। लेकिन प्रतिमा अपने स्थान पर मजबूती से खड़ी रही। ऐसे में बिना विशेषज्ञ सलाह के ज्यादा जोर लगाने से प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी जताई गई।
इंदौर की टीम ने भी हाथ खड़े किए
प्रतिमा को निकालने की कोशिश में लगी टीम को भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। लगातार प्रयास के बाद भी जब प्रतिमा को हिलाना संभव नहीं हुआ तो अब विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी माना गया है। अधिकारियों का मानना है कि धार्मिक आस्था से जुड़ी इस प्रतिमा को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कड़ी मशक्कत के बाद यह तय किया गया है कि अब विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही प्रतिमा को हाथ लगाया जाएगा। प्रतिमा को निकालने के दौरान यदि ज्यादा दबाव या तकनीकी रूप से गलत प्रक्रिया अपनाई जाती है तो मूर्ति क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसलिए प्रशासन और संबंधित टीम अब सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को दूसरी जगह किया जाना है स्थापित
खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को विस्थापित कर पुनः प्राण प्रतिष्ठा किए जाने की योजना है। इसी प्रक्रिया के तहत वर्तमान मंदिर संरचना में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। प्रतिमा को सुरक्षित निकालना इस पूरी कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल प्रतिमा अपने स्थान पर ही खड़ी है और उसे निकालने की प्रक्रिया को विशेषज्ञों की सलाह तक रोक दिया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तकनीकी विशेषज्ञ किस तरीके से प्रतिमा को बिना किसी नुकसान के बाहर निकालने और निर्धारित स्थान पर पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया सुझाते हैं।
? महत्वपूर्ण अपडेट:
मंदिर का ऊपरी हिस्सा हटाए जाने के बावजूद खड़े हनुमान जी की प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली। प्रतिमा को क्षति से बचाने के लिए अब विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।